बाजार में जारी गिरावट के बावजूद, सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। पिछले एक महीने में Gold prices में 6% से अधिक की वृद्धि हुई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम सोने की कीमत 459 रुपये बढ़कर 85,146 रुपये हो गई है, जबकि Silver prices भी 46 रुपये बढ़कर 95,632 रुपये प्रति किलो हो गई है। इन बढ़ती कीमतों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, और आभूषणों की मांग में 80% तक की गिरावट आई है।
India Bullion and Jewellers Association के अनुसार, Gold prices में उछाल के बावजूद, शादी के सीजन में भी आभूषण विक्रेताओं की बिक्री में गिरावट आई है। चीन में, डीलरों ने खरीदारों को आकर्षित करने के लिए discounts की पेशकश की है। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट आई है, जिसका कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा टैरिफ के लिए दबाव बनाना है, लेकिन इसके बावजूद Gold prices रिकॉर्ड स्तर पर बने हुए हैं।
2024 में, भारत की ज्वेलरी खपत 563.4 मीट्रिक टन रही, जो चीन के 511.4 टन से अधिक थी। इस साल की शुरुआत में, Gold prices 88,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई हैं, जबकि जनवरी में देश का ट्रेड लॉस 20.88 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इन बढ़ती कीमतों के कारण, सोने की खरीदारी में कमी देखी जा रही है, और लोग खरीदारी करने से बच रहे हैं।
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FAQs
Q: सोने की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
A: सोने की कीमतों में वृद्धि के मुख्य कारणों में वैश्विक अनिश्चितता, अमेरिका की मौद्रिक नीतियां और भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं।
Q: चांदी की कीमतों में वृद्धि का क्या कारण है?
A: चांदी की कीमतों में वृद्धि का कारण इंडस्ट्री में इसका बढ़ता इस्तेमाल है, खासकर सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल के क्षेत्र में।
Q: क्या सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है?
A: बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव बना रहता है, तो घरेलू सोने की कीमतें 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।